क्यूँ तन्हा से हो गए हैं तेरे जाने के बाद।
फूंक डालुंगा मैं किसी रोज दिल की दुनिया,
काश वो मेरा कुछ न होता पर मुक़द्दर होता।
जज़्बात जब काग़ज़ पर उतारे तो पता चला—
सिर्फ खुशियों के सहारे ज़िन्दगी कटती नहीं।
थक के बैठ जाऊं तो गले से लगा लेना ए जिंदगी अब किसी से उम्मीद नही रही हमें इस फरेबी जमाने में
बहुत Sad Shayari in Hindi जुदा है औरों से मेरे दर्द की कहानी,
हम जिसपे खिलते है, उसी पे मुर्झा भी जाते है…!
क्यों नहीं समझ पाई मेरी मोहब्बत के राज़।
पर वो तारा नहीं टूटता ,जिसे देखकर तुम्हें मांग लूँ
कील कि तरह सीधे रहोगे तो ठोक दिये जाओगे।
दर्द तो तब हुआ… जब पता चला तीर चलाने वाले अपने ही निकले।
यूँ भरी महफ़िल में तमाशा ना बनाया करो।
लोगो में अफवाह है के लड़के रोते नही है…!